LawPaw

लखनऊ और दिल्ली में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA)

चार्टर्ड अकाउंटेंट आपके खाते, ऑडिट, टैक्स प्लानिंग और वित्तीय कंप्लायंस संभालते हैं — व्यक्तियों, प्रोफ़ेशनल्स, स्टार्टअप और व्यवसायों के लिए।

  • बहीखाता व अकाउंटिंग
  • टैक्स ऑडिट व स्टैच्युटरी ऑडिट
  • टैक्स प्लानिंग
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट व लोन दस्तावेज़
  • नेट वर्थ सर्टिफ़िकेट
2 कामकाजी घंटों में कॉल बैक शुरू से अंत तक एक कोऑर्डिनेटर सारी फ़ीस पहले से तय सत्यापित विशेषज्ञ

चरण 1 / 2

अपने CA (चार्टर्ड अकाउंटेंट) मामले के बारे में बताइए

100% गोपनीय

माइक दबाइए और बोलिए — जैसे किसी दोस्त को बताते हैं

Speak your problem · हिंदी, अंग्रेज़ी या अपनी भाषा में

LawPaw लखनऊ और दिल्ली में आपके लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट कैसे ढूँढता है

01

अपनी समस्या बताइए

अपनी भाषा में बोलें या लिखें। एक मिनट से कम — कानूनी भाषा की ज़रूरत नहीं।

02

2 कामकाजी घंटों में कोऑर्डिनेटर का कॉल

LawPaw का एक व्यक्ति आपकी स्थिति, ज़रूरी दस्तावेज़ और मामले की जल्दी समझता है।

03

सही विशेषज्ञ, फ़ीस पहले

हम सत्यापित वकील, CA या CS चुनते हैं और काम शुरू होने से पहले हर खर्च लिखित में बताते हैं।

04

काम पूरा होने तक फ़ॉलो-अप

तारीख़ें, दस्तावेज़, घर पर विज़िट, WhatsApp पर अपडेट — आपका कोऑर्डिनेटर काम आगे बढ़ाता रहता है।

LawPaw का वादा

बिना झंझट, तेज़ और पूरी पारदर्शिता

2 कामकाजी घंटों में कॉल बैक

कामकाजी घंटों में (सोमवार–शनिवार, सुबह 9 से रात 8 बजे)। गिरफ़्तारी या ज़मानत जैसे ज़रूरी मामलों को प्राथमिकता।

शुरू से अंत तक एक कोऑर्डिनेटर

एक ही व्यक्ति जो आपका मामला जानता है — न बार-बार कहानी दोहराना, न किसी के पीछे भागना।

हर फ़ीस पहले से बताई जाती है

LawPaw की सुविधा शुल्क, विशेषज्ञ की फ़ीस और सरकारी शुल्क — भुगतान से पहले लिखित में। कोई छुपा शुल्क नहीं।

केवल सत्यापित विशेषज्ञ

किसी को भी आपके मामले पर लगाने से पहले बार काउंसिल, ICAI या ICSI नामांकन की जाँच।

संतुष्ट नहीं? बदल देंगे

विशेषज्ञ से संतुष्ट नहीं हैं तो कोऑर्डिनेटर को बताइए, हम दूसरे की व्यवस्था में मदद करेंगे।

ज़रूरत हो तो घर पर

दस्तावेज़ पिकअप, हस्ताक्षर, नोटरी और ई-स्टांप डिलीवरी आपके घर या ऑफ़िस पर।

कोई भी ईमानदार सेवा कोर्ट केस के नतीजे की गारंटी नहीं दे सकती — लेकिन हर कदम पर हमारे साथ की गारंटी है।

सवाल-जवाब

चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) लखनऊ और दिल्ली में: आम सवाल

टैक्स ऑडिट कब ज़रूरी है?+

धारा 44AB के तहत टैक्स ऑडिट आम तौर पर तब ज़रूरी होता है जब व्यवसाय का टर्नओवर या प्रोफ़ेशनल आय आयकर अधिनियम की तय सीमा से ऊपर हो। CA बता सकते हैं कि यह आप पर लागू है या नहीं।

क्या LawPaw पर अपनी समस्या बताना मुफ़्त है?+

हाँ। अपनी समस्या बताना और कोऑर्डिनेटर से कॉल बैक पाना मुफ़्त है। भुगतान तभी करना है जब आप आगे बढ़ने का फ़ैसला करें।

मुझे कितना भुगतान करना होगा?+

अधिकतम तीन चीज़ें, सब भुगतान से पहले लिखित में: (1) आपके मामले के समन्वय के लिए LawPaw की सुविधा शुल्क, (2) विशेषज्ञ की फ़ीस, जो वे बताते हैं, और (3) सरकारी शुल्क जैसे कोर्ट फ़ीस या स्टांप शुल्क, वास्तविक लागत पर। GST कानून के अनुसार लागू। कोई छुपा शुल्क नहीं।

अपनी समस्या बोलें