LawPaw

लखनऊ और दिल्ली में क्रिमिनल वकील

जब पुलिस, FIR या गिरफ़्तारी की बात हो, तो हर घंटा मायने रखता है। क्रिमिनल वकील भारतीय न्याय संहिता (BNS) और BNSS के तहत ज़मानत, अग्रिम ज़मानत, FIR रद्द करवाने और मुकदमे में बचाव में मदद करते हैं।

  • नियमित व अग्रिम ज़मानत
  • FIR दर्ज कराना या रद्द कराना
  • पुलिस शिकायत व समन
  • मुकदमे में बचाव
  • धोखाधड़ी व ठगी के मामले
  • अपील व रिवीज़न
2 कामकाजी घंटों में कॉल बैक शुरू से अंत तक एक कोऑर्डिनेटर सारी फ़ीस पहले से तय सत्यापित विशेषज्ञ

चरण 1 / 2

अपने क्रिमिनल वकील मामले के बारे में बताइए

100% गोपनीय

माइक दबाइए और बोलिए — जैसे किसी दोस्त को बताते हैं

Speak your problem · हिंदी, अंग्रेज़ी या अपनी भाषा में

LawPaw लखनऊ और दिल्ली में आपके लिए क्रिमिनल वकील कैसे ढूँढता है

01

अपनी समस्या बताइए

अपनी भाषा में बोलें या लिखें। एक मिनट से कम — कानूनी भाषा की ज़रूरत नहीं।

02

2 कामकाजी घंटों में कोऑर्डिनेटर का कॉल

LawPaw का एक व्यक्ति आपकी स्थिति, ज़रूरी दस्तावेज़ और मामले की जल्दी समझता है।

03

सही विशेषज्ञ, फ़ीस पहले

हम सत्यापित वकील, CA या CS चुनते हैं और काम शुरू होने से पहले हर खर्च लिखित में बताते हैं।

04

काम पूरा होने तक फ़ॉलो-अप

तारीख़ें, दस्तावेज़, घर पर विज़िट, WhatsApp पर अपडेट — आपका कोऑर्डिनेटर काम आगे बढ़ाता रहता है।

LawPaw का वादा

बिना झंझट, तेज़ और पूरी पारदर्शिता

2 कामकाजी घंटों में कॉल बैक

कामकाजी घंटों में (सोमवार–शनिवार, सुबह 9 से रात 8 बजे)। गिरफ़्तारी या ज़मानत जैसे ज़रूरी मामलों को प्राथमिकता।

शुरू से अंत तक एक कोऑर्डिनेटर

एक ही व्यक्ति जो आपका मामला जानता है — न बार-बार कहानी दोहराना, न किसी के पीछे भागना।

हर फ़ीस पहले से बताई जाती है

LawPaw की सुविधा शुल्क, विशेषज्ञ की फ़ीस और सरकारी शुल्क — भुगतान से पहले लिखित में। कोई छुपा शुल्क नहीं।

केवल सत्यापित विशेषज्ञ

किसी को भी आपके मामले पर लगाने से पहले बार काउंसिल, ICAI या ICSI नामांकन की जाँच।

संतुष्ट नहीं? बदल देंगे

विशेषज्ञ से संतुष्ट नहीं हैं तो कोऑर्डिनेटर को बताइए, हम दूसरे की व्यवस्था में मदद करेंगे।

ज़रूरत हो तो घर पर

दस्तावेज़ पिकअप, हस्ताक्षर, नोटरी और ई-स्टांप डिलीवरी आपके घर या ऑफ़िस पर।

कोई भी ईमानदार सेवा कोर्ट केस के नतीजे की गारंटी नहीं दे सकती — लेकिन हर कदम पर हमारे साथ की गारंटी है।

सवाल-जवाब

क्रिमिनल वकील लखनऊ और दिल्ली में: आम सवाल

अग्रिम ज़मानत क्या है?+

अग्रिम ज़मानत सत्र न्यायालय या हाईकोर्ट का निर्देश है कि गिरफ़्तारी होने पर आपको ज़मानत पर छोड़ा जाए। गैर-ज़मानती मामले में गिरफ़्तारी का डर होने पर इसे माँगा जाता है।

क्या IPC और CrPC अब भी लागू हैं?+

1 जुलाई 2024 से IPC, CrPC और साक्ष्य अधिनियम की जगह भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू हैं। इससे पहले के अपराधों की सुनवाई पुराने कानूनों के तहत हो सकती है।

क्या LawPaw पर अपनी समस्या बताना मुफ़्त है?+

हाँ। अपनी समस्या बताना और कोऑर्डिनेटर से कॉल बैक पाना मुफ़्त है। भुगतान तभी करना है जब आप आगे बढ़ने का फ़ैसला करें।

मुझे कितना भुगतान करना होगा?+

अधिकतम तीन चीज़ें, सब भुगतान से पहले लिखित में: (1) आपके मामले के समन्वय के लिए LawPaw की सुविधा शुल्क, (2) विशेषज्ञ की फ़ीस, जो वे बताते हैं, और (3) सरकारी शुल्क जैसे कोर्ट फ़ीस या स्टांप शुल्क, वास्तविक लागत पर। GST कानून के अनुसार लागू। कोई छुपा शुल्क नहीं।

अपनी समस्या बोलें