लखनऊ और दिल्ली में सिविल (दीवानी) वकील
दीवानी विवादों में पैसों की वसूली, अनुबंध, स्टे ऑर्डर, मानहानि आदि आते हैं। सिविल वकील सही उपाय और कोर्ट चुनने, मुकदमा ड्राफ़्ट करने और बहस करने में मदद करते हैं।
- पैसों की वसूली का मुकदमा
- निषेधाज्ञा व स्टे ऑर्डर
- अनुबंध विवाद
- मानहानि
- विशिष्ट पालन (स्पेसिफ़िक परफ़ॉर्मेंस)
- अपील
चरण 1 / 2
अपने सिविल वकील मामले के बारे में बताइए
माइक दबाइए और बोलिए — जैसे किसी दोस्त को बताते हैं
Speak your problem · हिंदी, अंग्रेज़ी या अपनी भाषा में
लखनऊ में सिविल वकील
दीवानी मुकदमे — वसूली, निषेधाज्ञा और अनुबंध विवाद — लखनऊ के सिविल न्यायालयों में दायर होते हैं, और अपील इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच तक जाती है।
हज़रतगंज · गोमती नगर · गोमती नगर विस्तार · इंदिरा नगरदिल्ली में सिविल वकील
दीवानी मुकदमे दिल्ली के ज़िला न्यायालयों में दायर होते हैं; ₹2 करोड़ से अधिक मूल्य के मुकदमे दिल्ली हाईकोर्ट के मूल दीवानी क्षेत्राधिकार में आते हैं।
कनॉट प्लेस · करोल बाग · चांदनी चौक · लाजपत नगरLawPaw लखनऊ और दिल्ली में आपके लिए सिविल वकील कैसे ढूँढता है
अपनी समस्या बताइए
अपनी भाषा में बोलें या लिखें। एक मिनट से कम — कानूनी भाषा की ज़रूरत नहीं।
2 कामकाजी घंटों में कोऑर्डिनेटर का कॉल
LawPaw का एक व्यक्ति आपकी स्थिति, ज़रूरी दस्तावेज़ और मामले की जल्दी समझता है।
सही विशेषज्ञ, फ़ीस पहले
हम सत्यापित वकील, CA या CS चुनते हैं और काम शुरू होने से पहले हर खर्च लिखित में बताते हैं।
काम पूरा होने तक फ़ॉलो-अप
तारीख़ें, दस्तावेज़, घर पर विज़िट, WhatsApp पर अपडेट — आपका कोऑर्डिनेटर काम आगे बढ़ाता रहता है।
LawPaw का वादा
बिना झंझट, तेज़ और पूरी पारदर्शिता
2 कामकाजी घंटों में कॉल बैक
कामकाजी घंटों में (सोमवार–शनिवार, सुबह 9 से रात 8 बजे)। गिरफ़्तारी या ज़मानत जैसे ज़रूरी मामलों को प्राथमिकता।
शुरू से अंत तक एक कोऑर्डिनेटर
एक ही व्यक्ति जो आपका मामला जानता है — न बार-बार कहानी दोहराना, न किसी के पीछे भागना।
हर फ़ीस पहले से बताई जाती है
LawPaw की सुविधा शुल्क, विशेषज्ञ की फ़ीस और सरकारी शुल्क — भुगतान से पहले लिखित में। कोई छुपा शुल्क नहीं।
केवल सत्यापित विशेषज्ञ
किसी को भी आपके मामले पर लगाने से पहले बार काउंसिल, ICAI या ICSI नामांकन की जाँच।
संतुष्ट नहीं? बदल देंगे
विशेषज्ञ से संतुष्ट नहीं हैं तो कोऑर्डिनेटर को बताइए, हम दूसरे की व्यवस्था में मदद करेंगे।
ज़रूरत हो तो घर पर
दस्तावेज़ पिकअप, हस्ताक्षर, नोटरी और ई-स्टांप डिलीवरी आपके घर या ऑफ़िस पर।
कोई भी ईमानदार सेवा कोर्ट केस के नतीजे की गारंटी नहीं दे सकती — लेकिन हर कदम पर हमारे साथ की गारंटी है।
सवाल-जवाब
सिविल (दीवानी) वकील लखनऊ और दिल्ली में: आम सवाल
पैसों की वसूली के मुकदमे की समय सीमा क्या है?+
परिसीमा अधिनियम, 1963 के तहत ज़्यादातर वसूली दावों के लिए रक़म देय होने की तारीख़ से तीन साल की समय सीमा होती है।
क्या LawPaw पर अपनी समस्या बताना मुफ़्त है?+
हाँ। अपनी समस्या बताना और कोऑर्डिनेटर से कॉल बैक पाना मुफ़्त है। भुगतान तभी करना है जब आप आगे बढ़ने का फ़ैसला करें।
मुझे कितना भुगतान करना होगा?+
अधिकतम तीन चीज़ें, सब भुगतान से पहले लिखित में: (1) आपके मामले के समन्वय के लिए LawPaw की सुविधा शुल्क, (2) विशेषज्ञ की फ़ीस, जो वे बताते हैं, और (3) सरकारी शुल्क जैसे कोर्ट फ़ीस या स्टांप शुल्क, वास्तविक लागत पर। GST कानून के अनुसार लागू। कोई छुपा शुल्क नहीं।