पारिवारिक या पुश्तैनी प्रॉपर्टी पर विवाद?
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत बेटियों का पुश्तैनी (सहदायिक) प्रॉपर्टी में बराबर हक़ है, और बिना वसीयत मरने वाले की स्व-अर्जित प्रॉपर्टी क़ानूनी वारिसों में बँटती है। वकील पहले पारिवारिक समझौते की कोशिश करते हैं और ज़रूरत हो तो बँटवारे का मुकदमा दायर करते हैं।
चरण 1 / 2
अपनी स्थिति के बारे में बताइए
माइक दबाइए और बोलिए — जैसे किसी दोस्त को बताते हैं
Speak your problem · हिंदी, अंग्रेज़ी या अपनी भाषा में
हम इसे कैसे सुलझाते हैं
- 1प्रॉपर्टी का प्रकार — पुश्तैनी या स्व-अर्जित — और सभी क़ानूनी वारिस पहचानना
- 2पारिवारिक समझौता या बँटवारा डीड की कोशिश
- 3बँटवारे का मुकदमा और ज़रूरत हो तो अंतरिम सुरक्षा
- 4हिस्सों का बँटवारा और रिकॉर्ड अपडेट
मददगार दस्तावेज़
- प्रॉपर्टी दस्तावेज़
- वंशावली और मृत्यु प्रमाण पत्र
- कोई वसीयत या पुराना समझौता
सब कुछ नहीं है? फिर भी शुरू कीजिए — आपका कोऑर्डिनेटर बताएगा कि ठीक-ठीक क्या चाहिए।
LawPaw का वादा
बिना झंझट, तेज़ और पूरी पारदर्शिता
2 कामकाजी घंटों में कॉल बैक
कामकाजी घंटों में (सोमवार–शनिवार, सुबह 9 से रात 8 बजे)। गिरफ़्तारी या ज़मानत जैसे ज़रूरी मामलों को प्राथमिकता।
शुरू से अंत तक एक कोऑर्डिनेटर
एक ही व्यक्ति जो आपका मामला जानता है — न बार-बार कहानी दोहराना, न किसी के पीछे भागना।
हर फ़ीस पहले से बताई जाती है
LawPaw की सुविधा शुल्क, विशेषज्ञ की फ़ीस और सरकारी शुल्क — भुगतान से पहले लिखित में। कोई छुपा शुल्क नहीं।
केवल सत्यापित विशेषज्ञ
किसी को भी आपके मामले पर लगाने से पहले बार काउंसिल, ICAI या ICSI नामांकन की जाँच।
संतुष्ट नहीं? बदल देंगे
विशेषज्ञ से संतुष्ट नहीं हैं तो कोऑर्डिनेटर को बताइए, हम दूसरे की व्यवस्था में मदद करेंगे।
ज़रूरत हो तो घर पर
दस्तावेज़ पिकअप, हस्ताक्षर, नोटरी और ई-स्टांप डिलीवरी आपके घर या ऑफ़िस पर।
कोई भी ईमानदार सेवा कोर्ट केस के नतीजे की गारंटी नहीं दे सकती — लेकिन हर कदम पर हमारे साथ की गारंटी है।
सवाल-जवाब
पारिवारिक या पुश्तैनी प्रॉपर्टी पर विवाद?: आम सवाल
क्या बेटियों का पुश्तैनी प्रॉपर्टी में बराबर हक़ है?+
हाँ। 2005 के संशोधन से बेटियाँ बराबर अधिकार वाली सहदायिक हैं, जिसकी सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में पुष्टि की।
क्या पारिवारिक समझौते की रजिस्ट्री ज़रूरी है?+
जो दस्तावेज़ ख़ुद प्रॉपर्टी में अधिकार बनाता या हस्तांतरित करता है, उसकी आम तौर पर रजिस्ट्री ज़रूरी है। वकील सही प्रारूप बताएँगे।
क्या LawPaw पर अपनी समस्या बताना मुफ़्त है?+
हाँ। अपनी समस्या बताना और कोऑर्डिनेटर से कॉल बैक पाना मुफ़्त है। भुगतान तभी करना है जब आप आगे बढ़ने का फ़ैसला करें।
मुझे कितना भुगतान करना होगा?+
अधिकतम तीन चीज़ें, सब भुगतान से पहले लिखित में: (1) आपके मामले के समन्वय के लिए LawPaw की सुविधा शुल्क, (2) विशेषज्ञ की फ़ीस, जो वे बताते हैं, और (3) सरकारी शुल्क जैसे कोर्ट फ़ीस या स्टांप शुल्क, वास्तविक लागत पर। GST कानून के अनुसार लागू। कोई छुपा शुल्क नहीं।